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स्वप्नसुंदरी

4.0
4465

रामाधीन महतो यहीं सचिवालय में बाबू है.जिला बस्ती,तहसील नवादा,ग्राम पोस्ट एकरामऊ से लखनऊ आये आज उसे बारह साल हो गये थे.वह अपने गाँव से एक सपने की पालकी पर बैठकर आया था,जिसे चार कहार ढोकर लाये थे.उसके...

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लेखक के बारे में
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शेष अमित
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    12 सितम्बर 2026
    बहुत खूब! आप एक अच्छे शायर भी है लेखक भी यही आपकी पहचान! यही आपका सच्चा सम्मान!
  • author
    Omprakash choubey
    06 अगस्त 2026
    अच्छा
  • author
    Akhileshwar Prasad Akhil "अखिल"
    29 अप्रैल 2020
    सन्दर स्वप्न है.
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  • author
    12 सितम्बर 2026
    बहुत खूब! आप एक अच्छे शायर भी है लेखक भी यही आपकी पहचान! यही आपका सच्चा सम्मान!
  • author
    Omprakash choubey
    06 अगस्त 2026
    अच्छा
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    Akhileshwar Prasad Akhil "अखिल"
    29 अप्रैल 2020
    सन्दर स्वप्न है.