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स्वप्नसुंदरी

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रामाधीन महतो यहीं सचिवालय में बाबू है.जिला बस्ती,तहसील नवादा,ग्राम पोस्ट एकरामऊ से लखनऊ आये आज उसे बारह साल हो गये थे.वह अपने गाँव से एक सपने की पालकी पर बैठकर आया था,जिसे चार कहार ढोकर लाये थे.उसके...

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लेखक के बारे में
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शेष अमित
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Omprakash choubey
    06 अगस्त 2026
    अच्छा
  • author
    Rashmi Tiwari
    27 अप्रैल 2026
    i
  • author
    Akhileshwar Prasad Akhil "अखिल"
    29 अप्रैल 2020
    सन्दर स्वप्न है.
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    Omprakash choubey
    06 अगस्त 2026
    अच्छा
  • author
    Rashmi Tiwari
    27 अप्रैल 2026
    i
  • author
    Akhileshwar Prasad Akhil "अखिल"
    29 अप्रैल 2020
    सन्दर स्वप्न है.