pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

सुसाइड नोट

5
54

जय आज बहुत दुखी था ,उसके मन में ना जाने कैसे कैसे विचार आ रहे थे। आत्महत्या का पूरा मन तो बना ही चुका था । इकलौता था पर मां बाप को अपने जाने के बाद दुखी भी देख नहीं सकता था । इसलिए सुसाइड नोट छोड़...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
author
vijayvarude
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • रचना पर कोई टिप्पणी नहीं है
  • author
    आपकी रेटिंग

  • रचना पर कोई टिप्पणी नहीं है