है आज रात नई, है कुछ बात नई, इंतज़ार भरा हैं आँखों में, कुछ बेचैनी है साँसों में, है मिलन आज दो ज़िस्मों का, है नई शुरुआत दो रूँहो की, नया नया लगता हैं आज क्यों, नयी नयी है ये बात क्यों, हैं आज ...

प्रतिलिपिहै आज रात नई, है कुछ बात नई, इंतज़ार भरा हैं आँखों में, कुछ बेचैनी है साँसों में, है मिलन आज दो ज़िस्मों का, है नई शुरुआत दो रूँहो की, नया नया लगता हैं आज क्यों, नयी नयी है ये बात क्यों, हैं आज ...