स्त्री जलती रहती है ता उम्र पिघलती रहती है मोम सी अपनों के लिए उसका इस तरह जलना ओ पिघलना खुद को मिटाकर ज़िंदा रखना ये कोई कम बड़ी बात न होती लेकिन दुनिया समझकर भी नासमझ बनकर उसके इस अदम्य साहसिक बलिदान ...

प्रतिलिपिस्त्री जलती रहती है ता उम्र पिघलती रहती है मोम सी अपनों के लिए उसका इस तरह जलना ओ पिघलना खुद को मिटाकर ज़िंदा रखना ये कोई कम बड़ी बात न होती लेकिन दुनिया समझकर भी नासमझ बनकर उसके इस अदम्य साहसिक बलिदान ...