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स्त्री

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4.7

स्त्री जलती रहती है ता उम्र पिघलती रहती है मोम सी अपनों के लिए उसका इस तरह जलना ओ पिघलना खुद को मिटाकर ज़िंदा रखना ये कोई कम बड़ी बात न होती लेकिन दुनिया समझकर भी नासमझ बनकर उसके इस अदम्य साहसिक बलिदान ...