सियासत आदमी की सब मुहब्बत छीन लेती है,,, कि लेकर हाथ में खंजर रफ़ाकत छीन लेती है......... बहुत तकलीफ होती है मगर आदत बुरी छोडो . ,, नही तो चैन दिल का सब ये आदत छीन लेती है........... ज़बां पर थी...

प्रतिलिपिसियासत आदमी की सब मुहब्बत छीन लेती है,,, कि लेकर हाथ में खंजर रफ़ाकत छीन लेती है......... बहुत तकलीफ होती है मगर आदत बुरी छोडो . ,, नही तो चैन दिल का सब ये आदत छीन लेती है........... ज़बां पर थी...