ना दुःख है ना कोई वेदना ना ही किसी प्रकार की संवेदना न ही गुसा है ना कोई आक्रोश ना है मन में किसी से रोष ना कहूँगी कुछ ना करूंगी कटाक्ष क्योंकि शायद हूँ अंदर से हताश ना जाने क्या है इस मन मे जो फ़ैल...

प्रतिलिपिना दुःख है ना कोई वेदना ना ही किसी प्रकार की संवेदना न ही गुसा है ना कोई आक्रोश ना है मन में किसी से रोष ना कहूँगी कुछ ना करूंगी कटाक्ष क्योंकि शायद हूँ अंदर से हताश ना जाने क्या है इस मन मे जो फ़ैल...