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शायरी

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क्यों ना हो उम्मीद , हर शाम आपकी यादे लेकर आती है, दो कप चाय तो है पर एक जगह खाली नजर आती है ।। © ईकराम 'साहिल' ...

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लेखक के बारे में
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ईकराम पटेल

लंबी कामयाबी की दौड़ से उत्कृष्ट है! 🍂 'सुकून के कुछ पल'

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    विभा यादव
    13 ಜೂನ್ 2020
    और उस खाली जगह में तुम्हारी यादों का सिलसिला चलता है अच्छा लिखा है आपने
  • author
    Poonam Kaparwan pikku
    13 ಜೂನ್ 2020
    दो कप चाय और कमी .......
  • author
    Sadaf
    13 ಜೂನ್ 2020
    बहुत खूब बहुत खूब 👏👏👏
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  • author
    विभा यादव
    13 ಜೂನ್ 2020
    और उस खाली जगह में तुम्हारी यादों का सिलसिला चलता है अच्छा लिखा है आपने
  • author
    Poonam Kaparwan pikku
    13 ಜೂನ್ 2020
    दो कप चाय और कमी .......
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    Sadaf
    13 ಜೂನ್ 2020
    बहुत खूब बहुत खूब 👏👏👏