पंद्रह दिन पहले से ही रिश्तेदारों के पंहुचने का सिलसिला शुरू हो जाता था, सब आपस में भरे ह्रदय से मिलते----- -------- विवाह का घर नाम सुनते ही मन खुशियों और उमंगों से भर गया, पुरानी यादें ताजा हो गई. ...
मैं बचपन मे 4-6 लाईन की शायरी या कविता पत्रों के जवाब मे लिखा करती थी, वैसे अधिक रुचि नृत्य में थी. अभी कुछ वर्षों से कहानियाँ, लेख, संस्मरण, कविताए आदि लिखने लगी हूँ, गीत - भजन भी गाती हूँ, कुछ किताबों में कविताओं का प्रकाशन भी हुआ है, अचानक एक दिन प्रतिलिपि पर नज़र पड़ी तो इसकी कुछ कहानियाँ पढ़ी तो आज मेरा भी लिखने का मन हो गया और मैंने फिर से कलम उठा ली, लिखने के लिए.
सारांश
मैं बचपन मे 4-6 लाईन की शायरी या कविता पत्रों के जवाब मे लिखा करती थी, वैसे अधिक रुचि नृत्य में थी. अभी कुछ वर्षों से कहानियाँ, लेख, संस्मरण, कविताए आदि लिखने लगी हूँ, गीत - भजन भी गाती हूँ, कुछ किताबों में कविताओं का प्रकाशन भी हुआ है, अचानक एक दिन प्रतिलिपि पर नज़र पड़ी तो इसकी कुछ कहानियाँ पढ़ी तो आज मेरा भी लिखने का मन हो गया और मैंने फिर से कलम उठा ली, लिखने के लिए.
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