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सेज पर उदासी

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4.4

कामाकुल मैंने हाथ रखा उसकी पीठ पर उसने रोका व्याकुल विनम्र अभी रूकिए आरती की घंटिया बज रही है और सिगरेट कम पीजिए, पत्नी को बुरा लगता होगा पहली बार मैंने सोचा एक वेश्या की सेज पर थोड़ी सा र्इश्वर रहता ...