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सत्य

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सत्य सदैव मधुर होता नहि, सत्यप्रिय ईन्सान किसीको प्रिय हो ऐसा अक्सर होता नहि; वरना मिरां के हाथमें झहर का प्याला होता नहिं... जुठ से पुरा जमाना रुठ सकता नहिं, सच के संग श्याम ना हो ऐसा भी होता ...