ISBN : 978-81-908310-4-8
Registered in : 2010
Published Books - जिंदगी एक संघर्ष (2010), रविंद्र नाथ टैगोर की कहानीयां (संकलन)(2012), पंडित जय शंकर प्रसाद के किस्से (संकलन) (2015)
ना अहम, ना वहम ।
गलत को गलत कहता हूँ।
दुनिया को खुश रखने के लिये मै गलत को सही नही बता सकता, बस यही कारण है मै अकेला रह जाता हूंँ।
साथ रहने की किमत झूठ बोल कर खुश रहना है तो मैं अकेला ही अच्छा हूँ।
मुद्दे उठाना मेरा काम है राष्ट्रवादी हूँ किसी भी पार्टी का पालतू 🐕🦺 नहीं । अभिव्यक्ति की आजादी का सदुपयोग करता हूँ और सिखाता हूँ।
मेरे लिखने पर मेरी मात्राओं पर मत जाना क्योंकि मैं शब्दों से नहीं अरमानों से लिखा करता हूँ ।
इसलिए आप मात्रा वाले हो तो अपनी मात्रा नहीं मिल सकती सिर्फ दिल वाले आना मेरी गली।
प्रार्थना में याद रखना ❤️💞🌹
रिपोर्ट की समस्या
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