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संशय में उद्देश्य।

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एक तरफ उम्मीद है, न मन रहता संतुष्ट, हो अगर संतुष्ट मन, तो जीवन हो स्पष्ट। इच्छा आशा अभिलाषा, संशय में उद्देश्य, न आत्म वल से हो कभी, कोई जीवन रुष्ट।। ...

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Yogendra Gupta
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