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संघर्षों का विष

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3.5

दृग में स्वप्न - अनोखे कल की अनुभूति तेरे बल की कल की बातें थीं। उम्मीद के लौ की ज्योति उत्साहों के पथ की गति कल की बातें थीं। छूछे आदर्शों का मकड़जाल कर्तव्यों का महा-व्याल हर पथ पर हर कदम पर मुँह ...