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संघ शताब्दी वर्ष गीत

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आ रहा शताब्दी वर्ष है, स्वयंसेवकों के मन में हर्ष है । हमको गाँव गाँव में जाना है देशभक्ति भाव को जगाना है.... (२) शाखा से ही देश का उत्कर्ष है, स्वयंसेवकों के मन में हर्ष है । व्यक्ति निर्माण ही ...

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Vishnu

चरैवेति चरैवेति यही तो मंत्र है अपना ।। नहीं रुकना, नहीं थकना सतत् चलना सतत् चलना।।

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