#सनातन_संस्कृति में #बरसों पहले से एक #दोहा पहले पढा जा रहा है..! 👇 पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ, पंडित भया न कोय। ढाई आक्षर प्रेम के, पढ़े सो पंडित होय॥ परन्तु आज पता लगा है ...

प्रतिलिपि#सनातन_संस्कृति में #बरसों पहले से एक #दोहा पहले पढा जा रहा है..! 👇 पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ, पंडित भया न कोय। ढाई आक्षर प्रेम के, पढ़े सो पंडित होय॥ परन्तु आज पता लगा है ...