कांटों से भरा है राह राही, संभल संभल कर चलना । पग पग में है सतरंगी जाल, बिछाये बैठी छलना । अगर पाना है लक्ष्य तो , आगे ही बढ़ते जाना । राह कठिन जरुर है , इससे न घबराना । चाल तेरी मंद न हो , काली रात...

प्रतिलिपिकांटों से भरा है राह राही, संभल संभल कर चलना । पग पग में है सतरंगी जाल, बिछाये बैठी छलना । अगर पाना है लक्ष्य तो , आगे ही बढ़ते जाना । राह कठिन जरुर है , इससे न घबराना । चाल तेरी मंद न हो , काली रात...