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Samay ka pahiya ghumta hai

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समय का पहिया घूमता रहा ,आयु दस्तक देती रही ,पर समय का पता चला ही नहीं।मन मचलता है अब ,जियूँ फिर से बचपन को।गोद में छुपा लूँ चाँद को ,और उतारूँ तारे ज़मीन पर।तितली के पीछे भागूँ ,और भागती हांफती,चढ़ ...

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Geeta Yadav

my dream 500 flowers please

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