मेरी शुरुआत तो मुझे शायद स्मरण नहीं, किन्तु इतना अंदाजा तो अवश्य है, कि जब से, लोगों ने पैदल अथवा किसी वाहन से चलना आरम्भ किया होगा ,तभी से मेरा निर्माण हो गया होगा। प्रारम्भ में, जब लोगों ने जीवन ...
मैं "लक्ष्मी त्यागी " न ही लेखक, न कवि.एक भावुक मन, जो सामाजिक ,पारिवारिक उलझनों को समझने का प्रयत्न करता है, आत्मविश्लेषण करता है जो गलत चीजों को शीघ्रता से स्वीकार नहीं कर पाता और जब भी मन उद्वेलित होता है, तब एक कहानी, कविता अथवा लेख का निर्माण होता है,
सारांश
मैं "लक्ष्मी त्यागी " न ही लेखक, न कवि.एक भावुक मन, जो सामाजिक ,पारिवारिक उलझनों को समझने का प्रयत्न करता है, आत्मविश्लेषण करता है जो गलत चीजों को शीघ्रता से स्वीकार नहीं कर पाता और जब भी मन उद्वेलित होता है, तब एक कहानी, कविता अथवा लेख का निर्माण होता है,
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