सबकी एक दुनिया है किसी की बड़ी किसी की छोटी संसार में अपने-अपंने पद के हिसाब से सबकी एक दुनिया है और उसके दो हिस्से हैं जिनकी बड़ी दुनिया है उन्हें वह बड़ी विरासत से मिली है सौ प्रतिशत सही नहीं है मगर ...
23-08-1960
प्रकाशित कृतियां-
तालाब के पानी में लड़की (कविता संग्रह)
जिधर खुला व्योम होता है (कविता संग्रह)
दर्द के खेत में (ग़ज़ल संग्रह)
कड़ी धूप में (हाइकु संग्रह)
एक उत्तर-आधुनिक ऋचा (कवितासंग्रह)
दूरी मिट गयी (कविता संग्रह)
सारांश
23-08-1960
प्रकाशित कृतियां-
तालाब के पानी में लड़की (कविता संग्रह)
जिधर खुला व्योम होता है (कविता संग्रह)
दर्द के खेत में (ग़ज़ल संग्रह)
कड़ी धूप में (हाइकु संग्रह)
एक उत्तर-आधुनिक ऋचा (कवितासंग्रह)
दूरी मिट गयी (कविता संग्रह)
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