हरा गाउन पहने हुए नंगे पैर , सर ढका हुआ , यह कौन चला जा रहा है वो भी इस विरान रेगिस्तान में वो भी इतनी रात को । उस शक्श को दूर से देखा , स्पष्ट कुछ भी दिखायी नहीं दे रहा था , पर इतनी रात को ऐसी जगह ...

प्रतिलिपिहरा गाउन पहने हुए नंगे पैर , सर ढका हुआ , यह कौन चला जा रहा है वो भी इस विरान रेगिस्तान में वो भी इतनी रात को । उस शक्श को दूर से देखा , स्पष्ट कुछ भी दिखायी नहीं दे रहा था , पर इतनी रात को ऐसी जगह ...