बात उन दिनों की है जब गाँवों के अधिकतर घर कच्चे हुआ करते थे ा सभी लोग एकदूसरे से मिलजुलकर रहते थे और एकदूसरे के खुशियों में शामिल होते थे ...

प्रतिलिपिबात उन दिनों की है जब गाँवों के अधिकतर घर कच्चे हुआ करते थे ा सभी लोग एकदूसरे से मिलजुलकर रहते थे और एकदूसरे के खुशियों में शामिल होते थे ...