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पर्स.…...............

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मैं ना जानूं........ मेरे घर और प्रिया के घर में सिर्फ एक दीवाल का फासला था। फर्क यह था कि हम अपने घर में वर्षों से रहते थे, जबकि प्रिय को अपने माता,पिता के साथ बगल वाले घर में आए चंद वर्ष ही हुए ...

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Ajeet Asthana
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