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प्रेम में मृत्यु है, मुक्ति नहीं

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प्रेम में मृत्यु है, मुक्ति नहीं प्रेम में मृत्यु है, मुक्ति नहीं, ये रश्मियाँ साधक की गति नहीं। इश्क़ की राह में टूटना है, जलना है, और हर दर्द में खुद को पल-पल बदलना है। मत भाग मुक्ति के पीछे, हे ...

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लेखक के बारे में
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ashish kumar

मैं प्रयागराज उत्तर प्रदेश का निवासी हूं। कहानियां तथा कविता लेखन मेरा शौख हैं। Telegram id - ashish1604

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