1980 में मैंने प्रजातंत्र को पारिभाषित करते हुए कहा था कि "वर्त्तमान समय में भारत में प्रजातंत्र जनता की लाठी से जनता की पीठ पर जनता के द्वारा प्रहार है।" जिसका कुछ दिनों के बाद बेगूसराय (बिहार) ...
भावनाओं को लिपिबद्ध करना ही काव्य है।
चराचर में व्याप्त पिण्डों के पारस्परिक आकर्षण, रासायनिक प्रभाव तथा उनकी छाया तथा प्रकाश के प्रभाव का जीवन एवं जगत के लिए अध्ययन ज्योतिष प्रेम है।
लाक्षणिक एवं मनोवैज्ञानिक चिकित्सा होम्योपैथी का आधार है।
सृष्टि के कण-कण में व्याप्त परमात्म सत्ता से तादात्म्य स्थापित करने की प्रक्रिया रेकी साधना है।
सारांश
भावनाओं को लिपिबद्ध करना ही काव्य है।
चराचर में व्याप्त पिण्डों के पारस्परिक आकर्षण, रासायनिक प्रभाव तथा उनकी छाया तथा प्रकाश के प्रभाव का जीवन एवं जगत के लिए अध्ययन ज्योतिष प्रेम है।
लाक्षणिक एवं मनोवैज्ञानिक चिकित्सा होम्योपैथी का आधार है।
सृष्टि के कण-कण में व्याप्त परमात्म सत्ता से तादात्म्य स्थापित करने की प्रक्रिया रेकी साधना है।
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बधाई हो! प्रजातन्त्र की परिभाषा (Definition of democracy) : प्रकाशित हो चुकी है।. अपने दोस्तों को इस खुशी में शामिल करे और उनकी राय जाने।