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पश्मीने सी रात, ऊपर चांद का पहरा और मसनदों पर टिके लोग

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संगीत जाने-अनजाने में हम सबके अंदर कहीं ना कहीं बैठा हुआ है। शुक्रवार की रात जयपुर में भी संगीत से सराबोर एक रात थी। मशहूर शास्त्रीय गायकों की रातभर चलने वाली प्रस्तुतियां थीं। सोचा था थोड़ी देर ...

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लेखक के बारे में
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माधव शर्मा

लिखना शगल है। मुझे नहीं पता कि कैसा लिखता हूं लेकिन जो दिल को लगता है कि लिखना चाहिए लिख लेता हूं सिर्फ अपने लिए। फिलहाल दैनिक भास्कर अखबार (जयपुर) में पत्रकार हूं।

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