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परोपकार

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एक बार की बात है, दोपहर का वक्त था। एक भिक्षुक मेरे घर के गेट में खड़े होकर मुझे देखे और बोले- बेटा पीने के लिए पानी मिलेगा क्या ? मैने तुरंत मटके से पानी लाकर उन्हें दिया और उन्होंने पानी पीकर मेरा ...

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Rajveer Bairagi

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