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परिचय

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4.9

रात हूं मैं रात हूं , एक अकेली रात हूं । अमावस की रात कभी पूनम की रात हूं । मैं निशा , रजनी ,तमिस्रा ही भले हूं , और जरूरत के बिना भी संग चली हूं , चाह तुमको हो न मेरी, है जरूरत , बेजरूरत प्यार ...