pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

परिभाषित

4.3
269

अस्त- व्यस्त ऋतुओं की घुमावदार आवाजाही के बीच भूकम्पी झटके खिलाते हुए और समुद्र की तुफानी लहरों सी आढ़ी - तिरछी रेखाओं से गुजरना सिखाते हुए तुमसे प्रेम - सम्बन्ध कर रहा हैं मेरे अस्तित्व को पुन : ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में

नाम- डाॅ शालिनी यादव शिक्षा- एम. फिल., पीएच.डी. (अंग्रेजी) संप्रति- अंग्रेजी विभाग, अल-जाॅफ विश्वविद्यालय, सऊदी अरब में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत। शिक्षण अनुभव- भारत, लीबिया और सऊदी अरब में विश्वविद्यालय स्तर पर दस साल का प्रगतिशील शिक्षण। प्रकाशन- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संदर्भित पत्रिकाओं और संकलनों में समय समय पर अंग्रेजी भाषा और साहित्य पर शोध लेख प्रकाशित। अंग्रेजी भाषा और साहित्य पर तीन पुस्तकें प्रकाशित। त्रैमासिक ईं-पत्रिका The Criterion व Galaxy में अंग्रेजी कविताएँ प्रकाशित। रचनात्मक लेखन- अंग्रेजी कविताओं के तीन संग्रह 'Till the End of Her Subsistence' (2013), 'Kinship With You' (2014) और 'Floating Haiku' (2015) प्रकाशित। हिन्दी साहित्य में 'क्षितिज के उस पार' (2016) काव्य-संग्रह प्रकाशित। सम्पादन कार्य- अन्तर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका IJALEL (आॅस्ट्रेलिया) और ELLS (कनाडा) के सम्पादकीय दल की सदस्य। ई-मेल: [email protected]

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Manjit Singh
    09 जुलाई 2020
    modern samay ki dastan
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    27 अप्रैल 2020
    बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति ।
  • author
    Anand Barun
    16 जनवरी 2022
    सुंदर👌👌👌
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Manjit Singh
    09 जुलाई 2020
    modern samay ki dastan
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    27 अप्रैल 2020
    बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति ।
  • author
    Anand Barun
    16 जनवरी 2022
    सुंदर👌👌👌