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घुटन, दर्द और अकेलापन: भाग १

3.9
29177

अलग होने के पूरे 5 महीने के बाद ! अलग हुए या साथ थे, ये दोनों बाते किसी तीसरे को पता ना थी, इसीलिये जो भी हुआ दोनों के बीच हुआ था ! इन 5 महीनों में नीतू ने अपना सबकुछ दांव लगा दिया सोनू को मनाने ...

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घुटन,दर्द और अकेलापन: भाग -२
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जयति जैन "नूतन"
4.1

आप इस कहानी का पहला भाग पढ सकते हैं - http://hindi.pratilipi.com/jayti-jain-shanu/painful-life जहा हम सोनू नीतू की जिंदगी का गुमनाम हिस्सा छोड़ आये थे अधूरा - दर्द भरा वहीं से दूसरा भाग शुरू होता है ...

लेखक के बारे में

लोगों की भीड़ से निकली साधारण लड़की जिसकी पहचान बेबाक और स्वतंत्र लेखन है ! जैसे तरह-तरह के हज़ारों पंछी होते हैं, उनकी अलग चहकाहट "बोली-आवाज़", रंग-ढंग होते हैं ! वेसे ही मेरा लेखन है जो तरह -तरह की भिन्नता से - विषयों से परिपूर्ण है ! मेरा लेखन स्वतंत्र है, बे-झिझक लेखन ही मेरी पहचान है !! युवा लेखिका, सामाजिक चिंतक जयति जैन "नूतन" -: विधा - कहानी , लघुकथा , कविता, लेख , दोहे, मुक्तक, शायरी,व्यंग्य -: प्रकाशित रचनाओं का विवरण - जनक्रति अंतराष्ट्रीय मासिक पत्रिका में, सामाजिक लेखन, राष्ट्रीय दैनिक, साप्ताहिक अख्बार, पत्रिकाये , चहकते पंछी ब्लोग, साहित्यपीडिया, शब्दनगरी, www.momspresso.com व प्रतिलिपि वेबसाइट, international news and views.com (INVC) पर ! -: सम्मान- - श्रेष्ठ नवोदित रचनाकार सम्मान से सम्मानित ! - अंतरा शब्द शक्ति सम्मान 2018 से सम्मानित ! - हिंदी सागर सम्मान - श्रेष्ठ युवा रचनाकार सम्मान - कागज़ दिल साहित्य सुमन सम्मान - वुमन आवाज़ अवार्ड 2018 - हिंदी लेखक सम्मान - भाषा सारथी सम्मान -: अन्य उपलब्धि- बेबाक व स्वतंत्र लेखिका ! हिंदी सागर त्रेमासिक पत्रिका में " अतिथि संपादक " -:- लेखन का उद्देश्य- समाज में सकारात्मक बदलाव ! -: एकल संग्रह - मिट्टी मेरे गांव की {बुंदेली काव्य संग्रह}, वक़्त वक़्त की बात ( लघुकथा संग्रह, 20 पृष्ठ) एकल संग्रह- राष्ट्रभाषा औऱ समाज (32 पृष्ठ) साझा काव्य संग्रह A- मधुकलश B- अनुबंध C- प्यारी बेटियाँ D- किताबमंच E- भारत के युवा कवि औऱ कवयित्रियाँ । F - काव्य स्पंदन पितृ विशेषांक G- समकालीन हिंदी कविता । H- साहित्य संगम संस्थान से प्रकाशित उत्कृष्ट रचनाओं का संकलन I- अनकहे एहसास J- वुमन आवाज महिला विषेषांक K- रेलनामा ---- " आप गूगल पर जयति जैन नूतन या जयति जैन रानीपुर डाल कर कुछ रचनाये सर्च कर सकते हैं । "

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    आशा जाकड़
    06 दिसम्बर 2018
    ऐसा प्यार परिवार को तोड़ता है, जोड़ता नहीं।
  • author
    Mohit Singh
    25 अप्रैल 2017
    काफी उम्दा लिखा है आपने,दिल को छू गयी,पर अच्छा होता अगर अंजाम खुशनुमा होता,खैर बरबस ही सही खुद जो जोड़ लिया था इस कहानी के साथ। इंतज़ार रहेगा इसके अगले भाग का।
  • author
    amit gupta
    22 जुलाई 2017
    every single word of this story reflect my life...i dont have any word to admire u
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    आशा जाकड़
    06 दिसम्बर 2018
    ऐसा प्यार परिवार को तोड़ता है, जोड़ता नहीं।
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    Mohit Singh
    25 अप्रैल 2017
    काफी उम्दा लिखा है आपने,दिल को छू गयी,पर अच्छा होता अगर अंजाम खुशनुमा होता,खैर बरबस ही सही खुद जो जोड़ लिया था इस कहानी के साथ। इंतज़ार रहेगा इसके अगले भाग का।
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    amit gupta
    22 जुलाई 2017
    every single word of this story reflect my life...i dont have any word to admire u