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पधारो म्हारे देश

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पधारो म्हारे देश ऊँचा-ऊँचा धोरा अठै, लाम्बो रेगिस्तान। कोसां कोस रुंख कोनी, तपतो राजस्थान।। फोगला अर कैर अठै, करै भौम पर राज। गोडावण रा जोङा अठै, मरुधर रा ताज।। कुंवा रो खारो पाणी, पीवै भैत मिनख। मेह ...

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अनजाने से चेहरे कि पहचान बस अजनबी की ही होती हैं इसलिए मैं पवनराज कौशिक "अजनबी" बस अजनबी ही रह गया

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