आज स्कूल में एक नए बच्चे को देखा बाहर से आया था नवीन प्रवेश में।उसे देखते ही अतीत के धुंधलके में मन घुस गया ।यही कोई 25 वर्ष पहले क्योकि उस बच्चे की सूरत मुन्नीलाल से मिलती थी। बात पुरानी है उस वक़्त ...
मैं श्रद्धानंद उपाध्याय ।
शिक्षक हु बच्चों से प्रेरणा लेकर ही पढ़ाता हु ।बहुत कुछ सिखाते है बच्चे अगर प्रयास करो तो।
मध्यप्रदेश के धार जिले की बदनावर तहसील के कोद गाँव का निवासी हु।
सारांश
मैं श्रद्धानंद उपाध्याय ।
शिक्षक हु बच्चों से प्रेरणा लेकर ही पढ़ाता हु ।बहुत कुछ सिखाते है बच्चे अगर प्रयास करो तो।
मध्यप्रदेश के धार जिले की बदनावर तहसील के कोद गाँव का निवासी हु।
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