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मुहब्बत की डोर

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4.5

आँखों में बारिश के बूँदें, दिल में समंदर लिए बैठे हैं आप के जाने के बाद, सुबह को शाम किए बैठे हैं । खेलते रहे मौसम के खेल, मेरे आँगन के फूलों से हमने सोच लिया की हम से दिल लगाए बैठे हैं । जब रात ...