#मरीचिका सारे अपने कहे जाने वालों के दरवाजो से प्रत्याशित इनकार सुन कर सुबह से शाम होने को आई,अब हौसला भी जवाब दे गया, अरूप कंधे पर झोला लिए बोझिल कदमों से सूने सड़क पर आगे बढ़ गया! बेतहाशा भागती ...

प्रतिलिपि#मरीचिका सारे अपने कहे जाने वालों के दरवाजो से प्रत्याशित इनकार सुन कर सुबह से शाम होने को आई,अब हौसला भी जवाब दे गया, अरूप कंधे पर झोला लिए बोझिल कदमों से सूने सड़क पर आगे बढ़ गया! बेतहाशा भागती ...