तुम ऊपर उठने लगे हो सुशील शर्मा जब अंतर्मन चोटिल हो। जब मन मे कांटे चुभें। जब कोई प्रतिकार करे। जब मन आहत हो। समझ जाना कि तुम सत्य के करीब हो। जब मन की वेदना । शब्दों के सांचे में ढलने लगे। जब ...

प्रतिलिपितुम ऊपर उठने लगे हो सुशील शर्मा जब अंतर्मन चोटिल हो। जब मन मे कांटे चुभें। जब कोई प्रतिकार करे। जब मन आहत हो। समझ जाना कि तुम सत्य के करीब हो। जब मन की वेदना । शब्दों के सांचे में ढलने लगे। जब ...