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मीर गालिब की कोई पुरानी गजल

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4.3

षर्म से जब हुई पानी पानी गजल नवजवां हर दिलों की कहानी गजल आज हम तुम कहें एक सुहानी गजल रूख से पर्दा हटा उसने देखा मुझे षर्म से जब हुई पानी पानी गजल तन्हा तन्हा कटा जिंदगी का सफर प्यार की है तेरे एक ...