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मीर गालिब की कोई पुरानी गजल

4.3
2319

षर्म से जब हुई पानी पानी गजल नवजवां हर दिलों की कहानी गजल आज हम तुम कहें एक सुहानी गजल रूख से पर्दा हटा उसने देखा मुझे षर्म से जब हुई पानी पानी गजल तन्हा तन्हा कटा जिंदगी का सफर प्यार की है तेरे एक...

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लेखक के बारे में
समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Rittika Saxena "Chintu"
    23 अप्रैल 2018
    nice attempt 👌
  • author
    08 सितम्बर 2019
    बहुत खूबसूरत👌👌👌👌👌 शर्म /निशानी/खुशबू/महकते/गुलशन ये शब्द अशुद्ध लिखे हुए हैं।
  • author
    अभिनव राज
    11 फ़रवरी 2019
    बहुत सुन्दर सच मे ये है सबसे सुहानी गजल
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    Rittika Saxena "Chintu"
    23 अप्रैल 2018
    nice attempt 👌
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    08 सितम्बर 2019
    बहुत खूबसूरत👌👌👌👌👌 शर्म /निशानी/खुशबू/महकते/गुलशन ये शब्द अशुद्ध लिखे हुए हैं।
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    अभिनव राज
    11 फ़रवरी 2019
    बहुत सुन्दर सच मे ये है सबसे सुहानी गजल