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मेवा

4.0
23659

आग्रह को ये बात समझ आ चुकी थी कि मेवा अपने मायके तो गयी नहीं होगी, लेकिन वो है कहाँ ? सबसे बड़ा सवाल सामने था लेकिन हिम्मत नहीं थी कि मेवा को फ़ोन करके पूँछ सके कि तुम हो कहाँ ? भागता हुआ कमरे में ...

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लेखक के बारे में

लोगों की भीड़ से निकली साधारण लड़की जिसकी पहचान बेबाक और स्वतंत्र लेखन है ! जैसे तरह-तरह के हज़ारों पंछी होते हैं, उनकी अलग चहकाहट "बोली-आवाज़", रंग-ढंग होते हैं ! वेसे ही मेरा लेखन है जो तरह -तरह की भिन्नता से - विषयों से परिपूर्ण है ! मेरा लेखन स्वतंत्र है, बे-झिझक लेखन ही मेरी पहचान है !! युवा लेखिका, सामाजिक चिंतक जयति जैन "नूतन" -: विधा - कहानी , लघुकथा , कविता, लेख , दोहे, मुक्तक, शायरी,व्यंग्य -: प्रकाशित रचनाओं का विवरण - जनक्रति अंतराष्ट्रीय मासिक पत्रिका में, सामाजिक लेखन, राष्ट्रीय दैनिक, साप्ताहिक अख्बार, पत्रिकाये , चहकते पंछी ब्लोग, साहित्यपीडिया, शब्दनगरी, www.momspresso.com व प्रतिलिपि वेबसाइट, international news and views.com (INVC) पर ! -: सम्मान- - श्रेष्ठ नवोदित रचनाकार सम्मान से सम्मानित ! - अंतरा शब्द शक्ति सम्मान 2018 से सम्मानित ! - हिंदी सागर सम्मान - श्रेष्ठ युवा रचनाकार सम्मान - कागज़ दिल साहित्य सुमन सम्मान - वुमन आवाज़ अवार्ड 2018 - हिंदी लेखक सम्मान - भाषा सारथी सम्मान -: अन्य उपलब्धि- बेबाक व स्वतंत्र लेखिका ! हिंदी सागर त्रेमासिक पत्रिका में " अतिथि संपादक " -:- लेखन का उद्देश्य- समाज में सकारात्मक बदलाव ! -: एकल संग्रह - मिट्टी मेरे गांव की {बुंदेली काव्य संग्रह}, वक़्त वक़्त की बात ( लघुकथा संग्रह, 20 पृष्ठ) एकल संग्रह- राष्ट्रभाषा औऱ समाज (32 पृष्ठ) साझा काव्य संग्रह A- मधुकलश B- अनुबंध C- प्यारी बेटियाँ D- किताबमंच E- भारत के युवा कवि औऱ कवयित्रियाँ । F - काव्य स्पंदन पितृ विशेषांक G- समकालीन हिंदी कविता । H- साहित्य संगम संस्थान से प्रकाशित उत्कृष्ट रचनाओं का संकलन I- अनकहे एहसास J- वुमन आवाज महिला विषेषांक K- रेलनामा ---- " आप गूगल पर जयति जैन नूतन या जयति जैन रानीपुर डाल कर कुछ रचनाये सर्च कर सकते हैं । "

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    27 फ़रवरी 2019
    कहानी तो बहुत मार्मिक है जयति जैन उर्फ़ 'नूतन' जी पर इसका अंत पश्चिमी सभ्यता से प्रेरित है क्युकि किसी भी कहानी का दुखद अंत पश्चिमी लेखन शैली की द्योतक है जबकि हमारे देश में किसी भी कथानक, कहानी या नाटक का सुखद अंत करने की परम्परा रही है!
  • author
    16 मार्च 2018
    कहानी तो अच्छी है । किसी भी समस्या का समाधान आत्महत्या नहीं हो सकता है । समाज और यथार्थ जीवन में भले ऐसा ही होता है । किंतु सकारात्मक सोच नहीं देती है यह कहानी जिससे जिंदगी जीने की प्रेरणा मिले।
  • author
    Lalit Kumar sinhaa
    24 सितम्बर 2021
    नकारात्मक सोच। एक लेखक से अपेक्षा होती है की वह positive ढंग से समाधान दिखाना चाहेगा लेकिन यहां जैज//-------++++
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    27 फ़रवरी 2019
    कहानी तो बहुत मार्मिक है जयति जैन उर्फ़ 'नूतन' जी पर इसका अंत पश्चिमी सभ्यता से प्रेरित है क्युकि किसी भी कहानी का दुखद अंत पश्चिमी लेखन शैली की द्योतक है जबकि हमारे देश में किसी भी कथानक, कहानी या नाटक का सुखद अंत करने की परम्परा रही है!
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    16 मार्च 2018
    कहानी तो अच्छी है । किसी भी समस्या का समाधान आत्महत्या नहीं हो सकता है । समाज और यथार्थ जीवन में भले ऐसा ही होता है । किंतु सकारात्मक सोच नहीं देती है यह कहानी जिससे जिंदगी जीने की प्रेरणा मिले।
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    Lalit Kumar sinhaa
    24 सितम्बर 2021
    नकारात्मक सोच। एक लेखक से अपेक्षा होती है की वह positive ढंग से समाधान दिखाना चाहेगा लेकिन यहां जैज//-------++++