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ए वक्त ने किया क्या हसीन सितम ... छोड़ के जा रही हे मेरी सनम दिलो में अधूरे अरमान, आँखो में आँसू ऐ जिंदगी कहाँ गया तेरा इंसाफ का तराजू हर धड़कन मर रही हे तेरी याद में .. फिर कभी लोट के ना आउ शायद ...