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मेरी ग़ज़ल

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ग़ज़ल के कुछ शेर, सफ़र में फ़क़त धूप साथ होती हैं! शायद इसे तन्हाई की लिहाज़ होती हैं! डूबता सूरज हर रोज़ ये अहसास दिलाता हैं! जिन्दगी की भी आख़री शाम होती हैं! पतझड़ वाले मौसम में भी शाख नहीं ...

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Er Husain
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