ऋषि नारद और श्रीकृष्ण के बीच दिव्य संवाद के रूप में एक दार्शनिक हिंदी कविता, जो आज के मानव संकट में आत्म-प्रयास, कर्म और आध्यात्मिक जागृति को प्रेरित करती है।

प्रतिलिपिऋषि नारद और श्रीकृष्ण के बीच दिव्य संवाद के रूप में एक दार्शनिक हिंदी कविता, जो आज के मानव संकट में आत्म-प्रयास, कर्म और आध्यात्मिक जागृति को प्रेरित करती है।