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मैं आज भी फेके हुये पैसे नहीं उठाता

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90 के दशक में एक पिक्चर आई थी दीवार जिसके नायक अमिताभ बच्चन का एक डायलाग बणा मशहूर हुआ था "में आज भी फेकें हुये पैसे नहीं उठाता. सदी के नायक का तो पता नहीं पर मैनें अपने पत्रकारिता के कैरियर में ...

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लेखक के बारे में
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Amitabh Srivastava

मैं बचपन से एक पत्रकार रहा हूं और 1976 में हिन्दुस्तान टाइम्स से कैरियर की शुरुआत की.अब तक मेरी रचनाएँ हिन्दुस्तान, दिनमान, साप्ताहिक हिन्दुस्तान, सहारा टाइम, धर्मयुग, नवभारत, नैशनल हेराल्ड, नवजीवन, पेट्रियट आदि में छपती रही हैं. मैंने हिन्दी अग्रेजी दोनों भाषाओं में बराबर लिखा है.

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