“मैं पलाश चतुर्वेदी आज इन पत्तों को साक्षी मानकर तुम्हें अपनी पत्नी स्वीकार करता हूं ।“ “ये क्या बकवास है ?“ -कहते हुए मेघा ने तेजी से अपना हाथ पलाश की हथेली से वापस खींचा । “अरे तुम्हें नही पता, ये ...

प्रतिलिपि“मैं पलाश चतुर्वेदी आज इन पत्तों को साक्षी मानकर तुम्हें अपनी पत्नी स्वीकार करता हूं ।“ “ये क्या बकवास है ?“ -कहते हुए मेघा ने तेजी से अपना हाथ पलाश की हथेली से वापस खींचा । “अरे तुम्हें नही पता, ये ...