कूड़े के ढ़ेर पर कुछ बीनते बच्चे उन्हें नहीं मालूम बचपन का प्यार क्या होता है ? वे नहीं जानते कि फूल कैसे खिलते हैं वे फूलों के रंग के बारे में नहीं सोचते वे तितली के विषय में नहीं सोचते न शहद के ...

प्रतिलिपिकूड़े के ढ़ेर पर कुछ बीनते बच्चे उन्हें नहीं मालूम बचपन का प्यार क्या होता है ? वे नहीं जानते कि फूल कैसे खिलते हैं वे फूलों के रंग के बारे में नहीं सोचते वे तितली के विषय में नहीं सोचते न शहद के ...