ये शब्द सुनते सुनते हम बड़े हो गये मगर आज तक हमें सार समझ नहीं आया की आखिर किस चीज़ के लिए हमसे पुछा जा रहा है की “कुछ रह तो नहीं गया ...बचपन में जब स्कूल जाते थे मम्मी पीछे से आवाज देती थी सब रख ...

प्रतिलिपिये शब्द सुनते सुनते हम बड़े हो गये मगर आज तक हमें सार समझ नहीं आया की आखिर किस चीज़ के लिए हमसे पुछा जा रहा है की “कुछ रह तो नहीं गया ...बचपन में जब स्कूल जाते थे मम्मी पीछे से आवाज देती थी सब रख ...