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काश! तुम मेरे होते

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कभी कभी सोचता हूँ,, क्या होता, गर तुम साथ होते मेरे। तेरे स्पर्श से होती मेरे हर दिन की शुरुआत, आँख खुकते ही तेरा चेहरा होता सामने। मेरे दिन की थकान उतरती तेरी बाहों में आकर। और फिर हौले से ...

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लेखक के बारे में

मैं, सावन का आवारा बादल,,,,,,,तू कह दे तो, बरसूं,,,,,,,, सुबहसिंह योगी जूनियर इंजीनियर, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, नई दिल्ली निवासी- मातासूला, टोडाभीम, करौली (राजस्थान) 📱9166664757

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