शब्द नए चुनकर गीत वही हर बार लिखूँ मैं उन दो आँखों में अपना सारा संसार लिखूँ मैं विरह की वेदना लिखूँ या मिलन की झंकार लिखूँ मैं कैसे चंद लफ्ज़ों में सारा प्यार लिखूँ मैं………….. उसकी देह का श्रृंगार ...

प्रतिलिपिशब्द नए चुनकर गीत वही हर बार लिखूँ मैं उन दो आँखों में अपना सारा संसार लिखूँ मैं विरह की वेदना लिखूँ या मिलन की झंकार लिखूँ मैं कैसे चंद लफ्ज़ों में सारा प्यार लिखूँ मैं………….. उसकी देह का श्रृंगार ...