यह एक लोक किंवदंती है।हम जब छोटे थे तो हमारे पड़ोस में एक बुजुर्ग बाबा रहते थे वो अकसर ऐसे किस्से कहानी सुनाते थे।एक दिन वो हमारे चबूतरे पर आकर बैठे और मेरे बाबा जी भी बैठे थे।उन्होंने एक किस्सा ...

प्रतिलिपियह एक लोक किंवदंती है।हम जब छोटे थे तो हमारे पड़ोस में एक बुजुर्ग बाबा रहते थे वो अकसर ऐसे किस्से कहानी सुनाते थे।एक दिन वो हमारे चबूतरे पर आकर बैठे और मेरे बाबा जी भी बैठे थे।उन्होंने एक किस्सा ...