pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

जितेन्द्र विसारिया-हादसा- राज बोहरे

4.5
43

राजनारायण बोहरे भी इस अंचल और परंपरा के एक चर्चित कथाकार हैं, जिन्होंने अपनी तलस्पर्शी लेखकीय दृष्टि से अंचल की मिट्टी और उसके जन-जीवन को उपन्यास व कथा साहित्य में कुछ इस प्रकार प्रस्तुत किया है ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में

राजनारायण बोहरे जन्म-20 सितम्बर ★ शिक्षा-हिन्दी में स्नातकोत्तर, विधि एवम पत्रकारिता में स्नातक ¶ प्रकाशन - कहानी संग्रह: इज़्ज़त-आबरू, गोस्टा तथा अन्य कहानियाँ, हादसा , मेरी प्रिय कथाएँ,हल्ला● उपन्यास : मुखबिर, अस्थान,आड़ा वक्त● एवं अंतरिक्ष में डायनासौर, जादूगर जंकाल और सोनपरी, रानी का प्रेत, सुनसान इमारत (बाल उपन्यास) ● बाल कहानी संग्रह : आर्यावर्त की रोचक कथाएँ● पुरस्कार- मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन भोपाल का "वागीश्वरी पुरस्कार" ★ साहित्य अकादेमी (मप्र संस्कृति परिषद, मप्र शासन ) का "सुभद्राकुमारी चौहान पुरस्कार" ★ विशेष- बाल उपन्यास अंतरिक्ष में डायनासौर का अंग्रेजी अनुवाद -Dinosaurs in space ◆ सम्प्रति- असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी से स्वेच्छा से सेवा निवृति बाद लेखन® सम्पर्क- एल आय जी 19, ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, दतिया मध्यप्रदेश 475661 ∆ मोबाइल: 98266_89939 E-mail: [email protected] ©©©

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Padma Sharma
    01 ಜೂನ್ 2020
    जितेन्द्र बिसारिया की नजर बहुत सूक्ष्म है। इस सँग्रह पर उनकी लिखी यह समीक्षा बहुत विवेचन करती है।
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Padma Sharma
    01 ಜೂನ್ 2020
    जितेन्द्र बिसारिया की नजर बहुत सूक्ष्म है। इस सँग्रह पर उनकी लिखी यह समीक्षा बहुत विवेचन करती है।