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जब ठिकाना ही तुम हो तो खुशियां दुनिया में और कहां ढूंढे

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सीधे से सवाल का टेढ़ा सा जवाब हो तुम तेरा जिक्र छिड़ जाए तो मैं पूरा कारवां बतलाने लगता हु और तू कितना जिंदा आज भी मेरे अंदर इसका यह सबूत है की मैं तेरी बातें करते वक्त हकलाने लगता हु तेरे इश्क़ ...

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Tera Atif

Oye mohtarma Tum meri jarurat nahi Ho Kyunki jarurat ek din khatm Ho jaati he Tum meri Jaan ho Jab tak tum ho tab Tak me Hu

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