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इश्क़ के अंजाम.. !!

4.8
750

बहुत शोर है मेरी खामोशी से तेरी आवाज़ तक.. ज़िन्दगी के सफर से इश्क़ के अंजाम तक.. कोई नहीं रह सका तोहमतों से परे.. मिट्टी के इंसान से पत्थर के भगवान तक.. बहारें भी पतझड़ मे बदल जाती हैं आते...

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लेखक के बारे में
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જય દુબે

Jay_4_J..

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    charanjeet kamboj
    15 दिसम्बर 2021
    गौर करके देखो जादा दर्दनाक क्या है खामोश खड़े से सवाल से चीखते जवाब तक 👌👌👌
  • author
    Arpit Kushwah
    16 मार्च 2019
    speechless👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌
  • author
    PANKAJ KUMAR SRIVASTAVA
    01 अप्रैल 2020
    वाह वाह।मेरी रचनाये भी पढे व अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करे ।
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    charanjeet kamboj
    15 दिसम्बर 2021
    गौर करके देखो जादा दर्दनाक क्या है खामोश खड़े से सवाल से चीखते जवाब तक 👌👌👌
  • author
    Arpit Kushwah
    16 मार्च 2019
    speechless👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌
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    PANKAJ KUMAR SRIVASTAVA
    01 अप्रैल 2020
    वाह वाह।मेरी रचनाये भी पढे व अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करे ।