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इस कथा में मृत्यु

4.3
222

(1) इस कथा में मृत्यु कहीं भी आ सकती है यह इधर की कथा है। जल की रगड़ से घिसता, हवा की थाप से रंग छोड़ता हाथों के स्पर्श से पुराना पड़ता और फिर हौले से निकलता ठाकुर-बाड़ी से ताम्रपात्र यह एक दुर्लभ ...

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लेखक के बारे में

नाम : मनोज कुमार झा मूल स्थान : दरभंगा, बिहार शैक्षिक उपाधि : बी.ए. (गणित प्रतिष्ठा), एम. ए. (हिन्दी)

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Krishan Pandey
    21 अक्टूबर 2019
    सुन्दर
  • author
    Varun Kaushik
    13 सितम्बर 2018
    स्पर्शनीय
  • author
    विकास कुमार
    24 अप्रैल 2018
    वाह , गजब
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    Krishan Pandey
    21 अक्टूबर 2019
    सुन्दर
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    Varun Kaushik
    13 सितम्बर 2018
    स्पर्शनीय
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    विकास कुमार
    24 अप्रैल 2018
    वाह , गजब